Monday, March 31, 2008

निशित चावडा

१ . निशित चावडा ने २०-६-०६ के रोज लेखीत निवेदन चुदस्मा के समक्ष दिया :- “जेथी तेम्नो दावों नामदार गुजरात हाई कोर्ट ना तारीख २३ -४ -०३ ना आदेश थी ते रद करेल चे एने त्यार पछी आ मकान मारा कब्जा मा छे. ….”
“अमो जनावु छु के आ बंगलो मे तेमना पत्नी नि रजिखुशी थी लिधेल छे अने कय्देसर वेचन रखेल चे. अत्ले कोई दादागिरी के पअरेने लई लेवानो प्रश्न नथी … “


२. चुदस्मा ऐ १८-७-०६ ना रोज सॅटॅलाइट पुलिस स्टेशन ने सूचना आपेल के :- आ अरज्दर नो रूबरू के लेक्जित कोई पं फरियाद आवे तो आ संबध तुरत धोरंसर गुणों दखल करी कय्दकीय तपास करवा सूचना करवा मा आवे चे।



३ . २५-९-२००६ ना कमिश्नर ऑफ़ पुलिस -कौशिक्सहेब ना पत्र मा जनावेल चे के:- कोर्ट कमीशन नि स्तहर मुलाकात पछी मकान नो कब्जो निशित भाई पेथाल्जी भाई चावडा ने आपवा मा अवेल चे अने तेमने कोई धक्-धमकी आपता होई के जान नु जोखम होई तेवु चे नही।


४. महेरबान जज साहेब नु सुइट ४६९ ना आर्डर २१-१-२००३ मा मंतव्य आपेल चे के :-
चावडा ऐ दावों ४६९/२००० दाखल १९-९-२००० ना रोज करेल ते वखते दावा वाली मिल्कत नो कब्जो हतो नहीं पं दूसरा कोर्ट कमीशन रिपोर्ट के पहले ( २१-९-००) चावडा ने सामान रख दी . पहले चर्चा के अनुसार चावडा के पास ख़ुद का कब्जा सुइट ( ४६९/२००० - तारीख १९/९/००) के समय पे नहीं था.

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